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WhatsApp के मेसेज को अब आप कर पाएंगे एडिट

मैसेजेस एडिट करने के बारे में जानकारी Android आप किसी मैसेज को भेजने के 15 मिनट बाद तक उसे एडिट कर सकते हैं. यह मैसेज चैट में शामिल सभी यूज़र्स के लिए अपडेट हो जाएगा. एडिट किए गए मैसेज पर टाइम स्टैंप के बगल में “एडिट किया गया” लिखा हुआ दिखेगा. अगर आप WhatsApp का नया वर्शन इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आपको “यह मैसेज इस चैट में शामिल उन सभी यूज़र्स के लिए एडिट किया गया है जो WhatsApp का नया वर्शन इस्तेमाल कर रहे हैं.” मैसेज दिखेगा. एडिट किए गए मैसेजेस देखने के लिए अपना ऐप अपडेट करें . किसी मैसेज को ऐसे एडिट करें 1 आप जिस मैसेज को एडिट करना चाहते हैं उस पर टैप करके दबाए रखें और फिर अन्य ऑप्शन पर टैप करें. 2 एडिट करें को चुनें और अपना मैसेज अपडेट करें. 3 एडिटिंग करने के बाद मैसेज अपडेट करने के लिए चेकमार्क पर टैप करें. ध्यान दें: आप किसी मैसेज को भेजने के 15 मिनट बाद तक उसे एडिट कर सकते हैं. अगर आप किसी मैसेज को एडिट करते हैं, तो आपकी चैट में शामिल लोगों को नई चैट का नोटिफ़िकेशन नहीं मिलेगा. आप फ़ोटो, वीडियो या कोई अन्य मीडिया एडिट नहीं कर सकते.

WhatsApp, Signal और Telegram में क्या है सुरक्षित

 जानिए आपका कौन-कौन सा डेटा रखते हैं WhatsApp, Signal और Telegram



आगामी 8 फरवरी से वॉट्सऐप अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है, जिसके चलते विश्वभर में ग्राहकों की निजता को लेकर एक बहस छिड़ गई है। वहीं सिग्नल एप को वॉट्सऐप के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सिग्नल को एप्पल और गूगल प्ले स्टोर पर पिछले दो दिन में 1 लाख से ज्यादा डाउनलोड्स मिले हैं। इसके अलावा यह टॉप डाउनलोडेड एप्स के चार्ट में व्हाट्सएप को पछाड़कर पहले पायदान पर पहुंच गया है। हालांकि वॉट्सऐप ने साफ किया है कि उनके पॉलिसी अपडेट से किसी की निजता का हनन नहीं होगा।


व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, फेसबुक मैसेंजर समेत दर्जनों ऐप्स भारी मात्रा में यूज़र्स का डेटा रखते हैं। इस लिस्ट में सब ऊपर फेसबुक का नाम आता है, जो आपकी जानकारी का इसका इस्तेमाल थर्ड-पार्टी ऐड्वर्टाइज़िंग, मार्केटिंग, एनालिटिक्स, प्रोडक्ट पर्सनलाइज़ेशन, ऐप फंक्शनैलिटी और बाकी दूसरे कामों के लिए करता है। 

कौन सा डेटा लेता है सिग्नल?

एप्पल के एप स्टोर पर सिग्नल एप के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक एप यूजर्स से मोबाइल नंबर के अलावा कोई भी जानकारी नहीं लेता है। इस मोबाइल नंबर से वह आपकी पहचान को उजागर नहीं करने का दावा करता है। सिग्नल की प्राइवेसी पॉलिसी में यह भी शामिल है कि यदि आप सिग्नल एप पर किसी अन्य वेबसाइट की सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं तो वहां सिग्नल की नहीं, बल्कि उस वेबसाइट की शर्तें लागू होंगी। यह एप आपके फोन की कॉन्टेक्ट लिस्ट को देखता है ताकि आपको बताया जा सके कि आपके कौन से कॉन्टेक्ट्स सिग्नल का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कौन सा डेटा लेता है व्हाट्सऐप?

एप्पल एप स्टोर पर व्हाट्सऐप की लिस्टिंग के मुताबिक व्हाट्सएप अपने यूजर्स से अभी कुल 16 तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां लेता है जिनमें फोन के मॉडल से लेकर लोकेशन तक की जानकारियां शामिल हैं। अन्य जानकारियों में लोकेशन, फोन नंबर, ई-मेल, कॉन्टेक्ट लिस्ट, प्रोडक्ट इंटिग्रेशन, क्रैश डाटा, डिवाइस आईडी, यूजर आईडी, विज्ञापन डाटा, खरीदारी की हिस्ट्री, परफॉर्मेंस डाटा आदि शामिल हैं। 

कौन सा डेटा लेता है टेलीग्राम?

टेलीग्राम अभी कुल 4 तरह की महत्वपूर्ण जानकारियां लेता है, जिसमें नाम, फ़ोन नंबर, कॉन्टेक्ट्स, और यूजर नाम शामिल है। अक्टूबर 2020 में टेलीग्राम के कुल यूजर 40 करोड़ से भी ज्यादा थे।  

क्या है एप्पल प्राइवेसी लेबल?

एप्पल के प्राइवेसी लेबल की मदद से कोई भी iOS यूजर ऐप स्टोर में उपलब्ध किसी भी ऐप की प्राइवेसी से संबंधित जानकारी को एक छोटी सी लिस्ट में देख सकता है। यह लेबल डेटा को तीन कैटेगरी में रखता है। अभी ये लेबल इंडिया के ऐप स्टोर में शुरू नहीं हुए हैं, ऐसे में आप लोकेशन बदलकर इसको देख सकते हैं। 

1) Data linked to you: यानी वो डेटा जो आपकी आइडेंटिटी से लिंक किया जाता है। मतलब कि इस डेटा से आपकी पहचान जुड़ जाती है। 


2) Data not linked to you: यानी वो डेटा जो ऐप लेता तो है मगर आपकी आइडेंटिटी से लिंक नहीं करता, यानी कि इस डेटा से आपकी पहचान नहीं होती। 


3) Data used to track you: यानी वो डेटा जो जिसकी मदद से ऐप आपके द्वारा की गई ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करता है।