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WhatsApp के मेसेज को अब आप कर पाएंगे एडिट

मैसेजेस एडिट करने के बारे में जानकारी Android आप किसी मैसेज को भेजने के 15 मिनट बाद तक उसे एडिट कर सकते हैं. यह मैसेज चैट में शामिल सभी यूज़र्स के लिए अपडेट हो जाएगा. एडिट किए गए मैसेज पर टाइम स्टैंप के बगल में “एडिट किया गया” लिखा हुआ दिखेगा. अगर आप WhatsApp का नया वर्शन इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, तो आपको “यह मैसेज इस चैट में शामिल उन सभी यूज़र्स के लिए एडिट किया गया है जो WhatsApp का नया वर्शन इस्तेमाल कर रहे हैं.” मैसेज दिखेगा. एडिट किए गए मैसेजेस देखने के लिए अपना ऐप अपडेट करें . किसी मैसेज को ऐसे एडिट करें 1 आप जिस मैसेज को एडिट करना चाहते हैं उस पर टैप करके दबाए रखें और फिर अन्य ऑप्शन पर टैप करें. 2 एडिट करें को चुनें और अपना मैसेज अपडेट करें. 3 एडिटिंग करने के बाद मैसेज अपडेट करने के लिए चेकमार्क पर टैप करें. ध्यान दें: आप किसी मैसेज को भेजने के 15 मिनट बाद तक उसे एडिट कर सकते हैं. अगर आप किसी मैसेज को एडिट करते हैं, तो आपकी चैट में शामिल लोगों को नई चैट का नोटिफ़िकेशन नहीं मिलेगा. आप फ़ोटो, वीडियो या कोई अन्य मीडिया एडिट नहीं कर सकते.

अब सियाचिन की ठंड में भी ले सकेंगे बॉडी बाथ

आईआईटी दिल्ली स्थित एक स्टार्टअप ने बनाया खास उत्पाद, सियाचिन की ठंड में भी अब ले सकेंगे बॉडी बाथ   
  
 
कई बार मुश्किल परिस्थितियों में तैनात सैनिकों, डॉक्टरों और अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए कई-कई दिनों तक नहा पाना संभव नहीं होता। इन लोगों के शरीर की सफाई में मदद के लिए आईआईटी दिल्ली स्थित एक स्टार्टअप ने खास उत्पाद विकसित किए हैं। दरअसल 'क्लेंस्टा' नामक स्टार्टअप ने वॉटरलेस बॉडी बाथ और शेंपू तैयार किये हैं, जिनकी मदद से बिना पानी के नहा पाना संभव हो सकेगा। आइए जानते हैं इनके बारे में...

आईआईटी दिल्ली स्थित स्टार्टअप की महत्वपूर्ण पहल

बात चाहे सियाचिन ग्लेशियर में तैनात सैनिकों की करें जो तीन महीने की तैनाती के दौरान नहा नहीं पाते या फिर अस्पताल में भर्ती मरीजों की जो कई-कई दिनों तक नहा नहीं पाते, इन मुश्किल परिस्थितियों में रह रहे लोगों की शरीर की सफाई के लिए अब आईआईटी दिल्ली स्थित एक स्टार्टअप ने महत्वपूर्ण पहल की है। क्लेंस्टा नामक एक स्टार्टअप ने वॉटरलेस बॉडी बाथ और शेंपू तैयार किया है जो इन लोगों की बिना पानी के ही नहाने में मदद करेगा। 

मुश्किल परिस्थितियों में तैनात जवानों के लिए ये उत्पाद बेहद कारगर 

क्लेंस्टा के संस्थापक पुनीत गुप्ता ने कहा- 'हमें तो पानी की सभी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं लेकिन जिन्हें हम प्रिशियस ह्यूमन कैपिटल कहते हैं जिनमें डॉक्टर, सैनिक शामिल होते हैं, इनकी जिंदगी हमसे कहीं ज्यादा मुश्किल परिस्थितियों में गुजरती है। ऐसे में यह बेहद जरूरी था कि हमारे शरीर पर जो बैक्टीरियल ग्रोथ होती है उसे दूर किया जाए। बैक्टीरियल ग्रोथ के चलते कई बार इंफेक्शन होने की भी संभावना बनी रहती है। इसी के चलते कई बार मरीज का ठहराव भी अस्पतालों में बढ़ने लगता है जिसकी वजह से सरकार का खर्चा भी बढ़ जाता है। इन सभी चीजों का एक हल मिला। इसके बारे में मैंने सोचा कि हम कोशिश कर सकते हैं कि बिना पानी के लोगों को नहला सकें ताकि उनकी बैक्टीरियल ग्रोथ को रोका जा सके। इस आइडिया के आने के बाद आईआईटी दिल्ली की मदद से इस पर रिसर्च की और इस उत्पाद को तैयार किया गया।'

अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए भी वॉटरलेस तकनीक बेहद कारगर

बिना पानी के ही नहाने और शरीर की साफ-सफाई के मकसद से तैयार किए गए ये उत्पाद जंगल, पहाड़ और रेगिस्तान में ड्यूटी कर रहे जवानों और अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए वरदान साबित हुए हैं। इनमें मौजूद तरल पदार्थ शरीर से तेल, गंदगी, धूल, बैक्टीरिया और दुर्गंध को खत्म कर नहाने जैसी ताजगी देते हैं। 

ऐसे किया जा सकता है शेंपू का इस्तेमाल

वॉटरलेस बॉडी बाथ और शेंपू को बिना पानी के ही शरीर और बालों पर सीधे लगाया जा सकता है। पुनीत गुप्ता बताते हैं कि जो डस्ट, ऑयल ग्रीस पार्टिकल हैं अगर ये शेंपू उसको एबजॉर्ब कर ले रहा है और हम उसे एक टिश्यू की मदद से वाइप करते हैं तो ये सारा डस्ट और ऑयल टिश्यू में आ जाता है। इसके बाद आपको नहाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। 

अंतरिक्ष यात्री भी वॉटरलेस बॉडी बाथ और शेंपू का कर सकेंगे उपयोग

यहां तक की वॉटरलेस बॉडी बाथ और शेंपू का उपयोग अंतरिक्ष यात्री भी नहाने के लिए कर सकते हैं। कलेंस्टा कंपनी के मुताबिक गगनयान में जाने वाले अंतरिक्ष यात्री इस उत्पाद का उपयोग कर सकें इसके लिए इसरो से बातचीत जारी है। साथ ही अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी इस वॉटरलेस तकनीक के उपयोग की बात कही है। सिर्फ इतना ही नहीं कंपनी वॉटरलेस टूथपेस्ट लाने की तैयारी में है जिससे बिना पानी के ही ब्रश करना संभव हो सकेगा।